"अक्षय तृतीया - समृद्धि और सौभाग्य का त्योहार ,"संपूर्ण जानकारी" !!
*Akshaya Tritiya (अक्षय तृतीया) ज्योतिष और हिंदू धर्म में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। "अक्षय" शब्द का अर्थ है जिसका कभी "क्षय" (नाश) न हो, यानी जो अनंत हो।
ज्योतिषीय दृष्टि से इसके महत्वपूर्ण होने के कुछ प्रमुख कारण यहाँ दिए गए हैं:
1. ग्रहों की विशेष स्थिति;-
ज्योतिष के अनुसार, इस दिन* सूर्य और* चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि (Exaltation) में होते हैं।
- * सूर्य: मेष राशि में अपनी उच्चतम शक्ति पर होता है।
- *चंद्रमा: वृषभ राशि में अपनी उच्चतम शक्ति पर होता है। ऐसा संयोग वर्ष में केवल एक बार ही बनता है, जिससे पूरे ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
2. अबूझ मुहूर्त (Self-Manifested Auspicious Time);-
इसे "स्वयंसिद्ध मुहूर्त" या "अबूझ मुहूर्त" कहा जाता है। इसका मतलब है कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग देखने या किसी ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन ही हर कार्य के लिए पवित्र माना जाता है।
3. इन कार्यों के लिए है श्रेष्ठ;-
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए कार्यों का फल "अक्षय" (कभी खत्म न होने वाला) होता है:
- *निवेश और खरीदारी: सोना, चांदी या संपत्ति खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इससे घर में समृद्धि बढ़ती है।
- *दान (Charity): इस दिन किया गया दान अनंत गुना फल देता है।
- *नए कार्य की शुरुआत: व्यापार शुरू करना, गृह प्रवेश या सगाई जैसे कार्यों के लिए यह सर्वोत्तम दिन |